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प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले 40 करोड़ से अधिक खाते

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले 40 करोड़ से अधिक खाते

प्रधानमंत्री जन धन योजना के पहले वर्ष में 17.90 करोड़ खाते खोले गए और दूसरे वर्ष में यह संख्या बढ़कर 25.10 करोड़ हो गई। और छह साल के अंत में यह 40 करोड़ पार करके 40.35 हो गई।

नई दिल्ली: प्रधान मंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत देश में 40 करोड़ 35 लाख बैंक खाते खोले गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस योजना के छह वर्ष पूरा होने पर कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत, जिन लोगो के बैंक खाते नहीं हैं, उन्हें यह सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया था।

कई गरीबी उन्मूलन सेवाओं की नींव रखने में सरकार का कदम “गेम चेंजर” साबित हुआ और लाखों लोगों को फायदा हुआ। श्री मोदी ने ग्राफिक्स के माध्यम से योजना का डेटा जारी किया। उनके अनुसार,योजना के पहले वर्ष में 17.90 करोड़ खाते खोले गए और दूसरे वर्ष में यह संख्या बढ़कर 25.10 करोड़ हो गई। तीसरे वर्ष में 30.09 करोड़ खाते खोले गए और चौथे वर्ष में इस योजना के तहत 32.54 करोड़ खाते खोले गए। पांचवें वर्ष के लिए संख्या 36.79 करोड़ थी और छह साल के अंत में यह 40 करोड़ से पार करके 40.35 करोड़ हो गई।

इस योजना के तहत खोले गए 63.6% खाते ग्रामीण क्षेत्रों में और 36.4% शहरी क्षेत्रों में खुले हैं। कुल खातों में से 55.2 प्रतिशत महिलाओं द्वारा खोले गए हैं, देश की आधी आबादी, जबकि 44.2 प्रतिशत अन्य के हैं।

प्रधान मंत्री जन धन योजना की कुछ खामियों

हालांकि प्रधान मंत्री जन धन योजना PMJDY को लेकर वित्तीय विश्लेषक इसकी कुछ खामियों की तरफ भी इशारा करते रहे हैं। इसकी जो सबसे बड़ी कमी रही वह लोगों के उन खातों को लेकर रही जो पहले से दूसरे बैंकों में खुले हुये थे। दूसरी बड़ी कमी यह बताई गई कि नए खातों के एक बड़े भाग में वित्तीय लेनदेन नहीं हो सकता।

इसके शुरुआती दौर में बताया गया था जन धन योजना (PMJDY) के तहत बहुत से खाते ऐसे हैं, जिनमें कोई वित्तीय लेनदेन नहीं हुआ था। इन तमाम छोटी-मोटी खामियों के बावजूद इतना जरूर कहा जा सकता है कि आगे चल कर लाभार्थियों तक उसका हक पहुचाने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण रोल याद करेगा और बिचवालियों की दाखल-अंदाजी कम से कम हो जाएगी।

[हम्स लाईव]

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