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बिहार चुनावों से पहले असदुद्दीन ओवैसी ने खोला अलग से भाजपा विरोधी मोर्चा

बिहार चुनावों से पहले असदुद्दीन ओवैसी ने खोल अलग से भाजपा विरोधी मोर्चा

एआईएमआईएम AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव की पार्टी के साथ हाथ मिलाकर बिहार चुनावों से पहले भाजपा विरोधी मोर्चा बनाया

पटना: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव की पार्टी के साथ बिहार चुनाव से पहले एक अलग भाजपा विरोधी मोर्चा बनाया।

पटना में एक प्रेस कान्फ्रन्स को संबोधित करते हुए, ओवैसी ने सेकुलर पार्टियों पर हमला करते हुए कहा कि ये पार्टियां सेकुलर वोटों का केवल गलत इस्तेमाल करती हियाँ।

इस दौरान जब राजद की तरफ से एआईएमआईएम को “वोट कटवा कहा गया ओवैसे ने भी इस का पलटवार करते हुए कहा कि ‘बिहार में 2019 के आम चुनावों में भाजपा विरोधी वोटों के इन तथाकथित “ठेकेदारों” का क्या हुआ, वे क्यूँ इतनी बुरी तरह से हार गए।‘

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उन्होंने यूडीएसए (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक सेक्युलर अलायंस) की नींव रख दी है, जो इस बात का आकलन करेगा कि उन्हें राज्य में कितने सीटों पर चुनाव मैदान में उतरना चाहिए।

एआईएमआईएम ने 2019 लोक सभा चूनावों और विधानसभा उपचुनाव से जमाए अपने कदम

AIMIM ने समाजवादी जनता दल (डी) के साथ अलग मोर्चा बनाया देवेंद्र प्रसाद यादव समाजवादी जनता दल (डी) इसकी कमान संभाल रहे हैं। एक सवाल के जवाब में कि महागठबंधन उन पर आरोप लगा रहा है कि अकतूबर-नवंबर के आने वाले चुनावों में अपने उम्मीदवार खड़े करके भाजपा की मदद करने की कोशिश की जा रही है, तो ओवैसी ने कहा कि “वे वही पुराने कैसेट बजाय रहे हैं”।

असदाउद्दीन ओऐसी ने कहा कि बिहार में 2019 के आम चुनाव में AIMIM ने केवल किशनगंज सीट से चुनाव लड़ा और उनके उम्मीदवार श्री अखतरुल ईमान (जो अभी बिहार एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यकछ हैं) ने 3 लाख वोट हासिल किए, जबकि जदयू (JD-U) ने 3.25 लाख वोट हासिल किए और जीतने वाली कांग्रेस के उम्मीदवार ने 3.50 लाख हासिल किए। उन्होंने कहा कि “क्या इसके बाद भी हमें कोई गैर-अहम  खिलाड़ी कहकर खारिज किया जा सकता है। उन्होंने काह कि विधानसभा उपचुनाव में उनकी पार्टी एक सीट जीती हुई है।

लोक सभा चूनावों में राजद व अन्न सेकुलर पार्टियों का बुरा हाल

बिहार में 2019 के संसदीय चुनाव में अपने प्रदर्शन को लेकर राजद पर कटाक्ष करते हुए ओवैसी ने पूछा, “बिहार में 2019 के लोक सभा चुनाव में क्या हुआ … क्या राजद ने खुद को अल्पसंख्यकों और किसी भी सीट पर धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं के चैंपियन होने का दावा नहीं किया था?”

पिछले आम चुनावों में, NDA ने बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से 39 पर जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस किशनगंज की महज एक सीट जीतने में सफल रही।

इस साल की शुरुआत में मुस्लिम बहुल किशनगंज निर्वाचन क्षेत्र में एक विधानसभा सीट जीतने के बाद AIMIM बिहार ने राजनीति में अपने पैर जमाए हैं और इस बार सीमांचल में जहां अल्पसंख्यकों की बहुत बड़ी आबादी है, कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाकर राज्य में अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

[हम्स लाईव]

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